लोक का आलोक
इस पुस्तक के अतंर्गत लोक साहित्य के मर्मज्ञ साहित्यकार डा.अर्जुन दास केसरी के समस्त पुस्तकों का समीक्षात्मक आलेख है। इसे डॉ. अर्जुन दास जी की पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रवेश द्वार भी कहा जा सकता है। सोनांचल की आदिवासी परंपराओं का संपूर्ण सांस्कृतिक दर्शन इस पुस्तक के द्वारा प्राप्त हो जाता है।

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